शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है / Shor Barpa Hai Jahan Mein Amad-e-Sarkar Hai
Shor Barpa Hai Jahan Mein Amad-e-Sarkar Hai Lyrics in Hindi, English & Urdu गली-गली नगर-नगर धूम तो देखो शाह के मीलाद की शैख़ैन के आक़ा ! मरहबा ! ख़तनैन के मौला ! मरहबा ! ज़हरा के बाबा ! मरहबा ! हसनैन के नाना ! मरहबा ! शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है क्यूँ जहाँ मसरूर है, मा'मूर है, सरशार है किस लिए चारों तरफ़ ये बारिश-ए-अनवार है किस लिए सारी ज़मीं तस्वीर-ए-लालाज़ार है शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है क्यूँ ज़माने की ज़बाँ पर है तराना नूर का किस लिए हर हर मकाँ है जल्वा-ख़ाना नूर का क्यूँ फ़ज़ा में आज भीनी-भीनी सी महकार है शैख़ैन के आक़ा ! मरहबा ! ख़तनैन के मौला ! मरहबा ! ज़हरा के बाबा ! मरहबा ! हसनैन के नाना ! मरहबा ! शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है वज्द में है आज का'बा भी ख़ुशी से देखिए गिर गए हैं क़स्र-ए-किसरा के भी कुंगरे देखिए आमिना के घर में आया वो शह-ए-अबरार है शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है क़ुम-क़ुमों की ये क़ितारें आफ़रीं सद-आफ़रीं सब्ज़ परचम की बहारें आफ़रीं सद-आफ़रीं चार जानिब मरहबा की गूँज है तकरार है शैख़ैन क...