Posts

ADVERTISEMENT

जिधर देखिए रहमतों का है साया | हुज़ूर आ रहे हैं / Jidhar Dekhiye Rahmaton Ka Hai Saya | Huzoor Aa Rahe Hain

Huzoor Aa Rahe Hain Lyrics in Hindi & English मरहबा मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा ! उठा के परचम आक़ा का ना'रा लगाओ आक़ा का मरहबा मरहबा, या रसूलल्लाह ! हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं जिधर देखिए रहमतों का है साया हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं है ख़ुशियों में डूबा हुआ कुल ज़माना हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं सरकार की आमद ! मरहबा ! दिलदार की आमद ! मरहबा ! मक्की की आमद ! मरहबा ! मदनी की आमद ! मरहबा ! यासीन की आमद ! मरहबा ! ताहा की आमद ! मरहबा ! हलीमा ! तुम्हारी ग़रीबी मिटाने तुम्हारा मकाँ रश्क-ए-जन्नत बनाने वो देखो मुक़द्दर जगाने तुम्हारा हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं ज़मीं सज गई है, फ़लक सज गया है हर इक लब पे सल्ले-'अला की सदा है लगाते हैं का'बे पे जिब्रील झंडा हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं उठा के परचम आक़ा का ना'रा लगाओ आक़ा का मरहबा मरहबा, या र...

शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है / Shor Barpa Hai Jahan Mein Amad-e-Sarkar Hai

Shor Barpa Hai Jahan Mein Amad-e-Sarkar Hai Lyrics in Hindi & English गली-गली नगर-नगर धूम तो देखो शाह के मीलाद की शैख़ैन के आक़ा ! मरहबा ! ख़तनैन के मौला ! मरहबा ! ज़हरा के बाबा ! मरहबा ! हसनैन के नाना ! मरहबा ! शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है क्यूँ जहाँ मसरूर है, मा'मूर है, सरशार है किस लिए चारों तरफ़ ये बारिश-ए-अनवार है किस लिए सारी ज़मीं तस्वीर-ए-लालाज़ार है शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है क्यूँ ज़माने की ज़बाँ पर है तराना नूर का किस लिए हर हर मकाँ है जल्वा-ख़ाना नूर का क्यूँ फ़ज़ा में आज भीनी-भीनी सी महकार है शैख़ैन के आक़ा ! मरहबा ! ख़तनैन के मौला ! मरहबा ! ज़हरा के बाबा ! मरहबा ! हसनैन के नाना ! मरहबा ! शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है वज्द में है आज का'बा भी ख़ुशी से देखिए गिर गए हैं क़स्र-ए-किसरा के भी कुंगरे देखिए आमिना के घर में आया वो शह-ए-अबरार है शोर बरपा है जहाँ में आमद-ए-सरकार है क़ुम-क़ुमों की ये क़ितारें आफ़रीं सद-आफ़रीं सब्ज़ परचम की बहारें आफ़रीं सद-आफ़रीं चार जानिब मरहबा की गूँज है तकरार है शैख़ैन के आक़ा ...

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए छा गए | नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा / Noor Wale Mustafa Aa Gaye Chha Gaye | Noor Wale Mustafa Aa Gaye Marhaba

Noor Wale Mustafa Aa Gaye Chha Gaye Lyrics in Hindi, English & Urdu ख़ुशियों में सारा जहाँ है, नूरी नूरी ये समाँ है बच्चा बच्चा झूम उठा है, हर दीवाना कह रहा है नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! हर गली को क़ुम-क़ुमों से हम सजाते जाएँगे आमद-ए-सरकार पर ख़ुशियाँ मनाते जाएँगे नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! रहमतों के ताज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! दो जहाँ के राज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! 'अर्श की मे'राज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! मेरे आक़ा नूर वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! 'आसियों की लाज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! बारहवीं के जश्न से हम को बड़ा ही प्यार है ख़ुश-दिली से हर बरस हम ये मनाते जाएँगे नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! 'आशिक़-ए-मीलाद हैं हम, ये हमारी शान है हश्र तक मीलाद पर धूमें मचाते जाएँगे नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! सुन्नत-ए-जिब्रील हरगिज़ हम न छोड़ेंगे कभी बारहवीं पर सब्ज़ झंडे हम ...

आमिना बीबी के गुलशन में आई है ताज़ा बहार | लोरी / Aamina Bibi Ke Gulshan Mein Aayi Hai Taza Bahar | Lori

Aamina Bibi Ke Gulshan Mein Aayi Hai Taza Bahar Lyrics in Hindi & English अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू आमिना बीबी के गुलशन में आई है ताज़ा बहार पढ़ते हैं सल्लल्लाहु व सल्लम आज दर-ओ-दीवार मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू बारह रबी'-उल-अव्वल को वो आया दुर्र-ए-यतीम माह-ए-नुबुव्वत, मेहर-ए-रिसालत, साहिब-ए-ख़ुल्क़-ए-'अज़ीम मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू हामिद-ओ-महमूद और मुहम्मद दो जग का सरदार जान से प्यारा, राज दुलारा, रहमत की सरकार मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू अव्वल-ओ-आख़िर सब कुछ जाने, देखे ब'ईद-ओ-क़रीब ग़ैब की ख़बरें देने वाला, अल्लाह का वो हबीब मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू प्यारी सूरत, हँसता चेहरा, मुँह से झड़ते फूल नूर सरापा, चाँद सा चेहरा, हक़ का प्यारा रसूल मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू जिब्रील आए झूला झूलाने, लोरी दे ज़ीशान सो जा सो जा, रहमत-ए-'आलम दो जग के सुल्तान ! मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू ना'त-ख़्वाँ: ओवैस रज़ा क़ादरी अल्लामा हाफ़ि...

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी / Marhaba Aye Jaan-e-Jaanan Jaan-e-Iman Ya Nabi

मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा या नबी शम्सुद्दुहा ! या नबी बदरुद्दुजा ! या नबी ख़ैर-उल-वरा ! या नबी या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी ! मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी ! मरहबा महबूब-ए-यज़्दाँ शाह-ए-ख़ूबाँ या नबी ! आप आए रौशनी फैली, अँधेरा छट गया मरहबा सद मरहबा ऐ मेहर-ए-ताबाँ या नबी ! मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी ! अव्वल-ओ-आख़िर सब कुछ जाने, देखे ब'ईद-ओ-क़रीब ग़ैब की ख़बरें देने वाला, अल्लाह का वो हबीब प्यारी सूरत, हँसता चेहरा, मुँह से झड़ते फूल हुस्न-ए-सरापा, नूर का पैकर, हक़ का प्यारा रसूल या नबी शम्सुद्दुहा ! या नबी बदरुद्दुजा ! या नबी ख़ैर-उल-वरा ! या नबी या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी ! बहर-ओ-बर, शम्स-ओ-क़मर, हूर-ओ-मलक, जिन्न-ओ-बशर दो जहाँ है आप ही के ज़ेर-ए-एहसाँ, या नबी ! मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी ! आप की आमद का सदक़ा दोनों 'आलम पा गए हम गदाओं का भी भर दें आज दामाँ, या नबी ! मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी ! सरकार जिहा सोहणा, आया ...

नूर वाला आया है नूर ले कर आया है / Noor Wala Aaya Hai Noor Le Kar Aaya Hai

Noor Wala Aaya Hai Naat Lyrics in Hindi & English नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है सारे 'आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह ! अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या हबीबल्लाह ! जब तलक ये चाँद-तारे झिलमिलाते जाएँगे तब तलक जश्न-ए-विलादत हम मनाते जाएँगे नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है सारे 'आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह ! अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या हबीबल्लाह ! ना'त-ए-महबूब-ए-ख़ुदा सुनते सुनाते जाएँगे या रसूलल्लाह का ना'रा लगाते जाएँगे नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है सारे 'आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह ! अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या हबीबल्लाह ! जश्न-ए-मीलाद-ए-मुबारक कैसे छोड़ें हम भला जिन का खाते हैं उन्हीं के गीत गाते जाएँगे नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है सारे 'आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह ! अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या हबीबल्लाह ! चार जानिब हम दि...