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नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए छा गए | नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा / Noor Wale Mustafa Aa Gaye Chha Gaye | Noor Wale Mustafa Aa Gaye Marhaba

ख़ुशियों में सारा जहाँ है, नूरी नूरी ये समाँ है बच्चा बच्चा झूम उठा है, हर दीवाना कह रहा है नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! हर गली को क़ुम-क़ुमों से हम सजाते जाएँगे आमद-ए-सरकार पर ख़ुशियाँ मनाते जाएँगे नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! रहमतों के ताज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! दो जहाँ के राज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! 'अर्श की मे'राज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! मेरे आक़ा नूर वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! 'आसियों की लाज वाले ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! बारहवीं के जश्न से हम को बड़ा ही प्यार है ख़ुश-दिली से हर बरस हम ये मनाते जाएँगे नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! 'आशिक़-ए-मीलाद हैं हम, ये हमारी शान है हश्र तक मीलाद पर धूमें मचाते जाएँगे नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! सुन्नत-ए-जिब्रील हरगिज़ हम न छोड़ेंगे कभी बारहवीं पर सब्ज़ झंडे हम लगाते जाएँगे नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ! नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए मरहबा ...

आमिना बीबी के गुलशन में आई है ताज़ा बहार | लोरी / Aamina Bibi Ke Gulshan Mein Aayi Hai Taza Bahar | Lori

अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू आमिना बीबी के गुलशन में आई है ताज़ा बहार पढ़ते हैं सल्लल्लाहु व सल्लम आज दर-ओ-दीवार मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू बारह रबी'-उल-अव्वल को वो आया दुर्र-ए-यतीम माह-ए-नुबुव्वत, मेहर-ए-रिसालत, साहिब-ए-ख़ुल्क़-ए-'अज़ीम मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू हामिद-ओ-महमूद और मुहम्मद दो जग का सरदार जान से प्यारा, राज दुलारा, रहमत की सरकार मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू अव्वल-ओ-आख़िर सब कुछ जाने, देखे ब'ईद-ओ-क़रीब ग़ैब की ख़बरें देने वाला, अल्लाह का वो हबीब मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू प्यारी सूरत, हँसता चेहरा, मुँह से झड़ते फूल नूर सरापा, चाँद सा चेहरा, हक़ का प्यारा रसूल मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू जिब्रील आए झूला झूलाने, लोरी दे ज़ीशान सो जा सो जा, रहमत-ए-'आलम दो जग के सुल्तान ! मदनी ! अल्लाह अल्लाह अल्लाहु ला इलाहा इल्ला हू ना'त-ख़्वाँ: ओवैस रज़ा क़ादरी अल्लामा हाफ़िज़ बिलाल क़ादरी allah allah allahu laa ilaaha illa hoo aamina bibi ke gu...

मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी / Marhaba Aye Jaan-e-Jaanan Jaan-e-Iman Ya Nabi

मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा या नबी शम्सुद्दुहा ! या नबी बदरुद्दुजा ! या नबी ख़ैर-उल-वरा ! या नबी या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी ! मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी ! मरहबा महबूब-ए-यज़्दाँ शाह-ए-ख़ूबाँ या नबी ! आप आए रौशनी फैली, अँधेरा छट गया मरहबा सद मरहबा ऐ मेहर-ए-ताबाँ या नबी ! मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी ! अव्वल-ओ-आख़िर सब कुछ जाने, देखे ब'ईद-ओ-क़रीब ग़ैब की ख़बरें देने वाला, अल्लाह का वो हबीब प्यारी सूरत, हँसता चेहरा, मुँह से झड़ते फूल हुस्न-ए-सरापा, नूर का पैकर, हक़ का प्यारा रसूल या नबी शम्सुद्दुहा ! या नबी बदरुद्दुजा ! या नबी ख़ैर-उल-वरा ! या नबी या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी ! या नबी ! बहर-ओ-बर, शम्स-ओ-क़मर, हूर-ओ-मलक, जिन्न-ओ-बशर दो जहाँ है आप ही के ज़ेर-ए-एहसाँ, या नबी ! मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी ! आप की आमद का सदक़ा दोनों 'आलम पा गए हम गदाओं का भी भर दें आज दामाँ, या नबी ! मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा मरहबा ऐ जान-ए-जानाँ जान-ए-ईमाँ या नबी ! सरकार जिहा सोहणा, आया ...

नूर वाला आया है नूर ले कर आया है / Noor Wala Aaya Hai Noor Le Kar Aaya Hai

नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है सारे 'आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह ! अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या हबीबल्लाह ! जब तलक ये चाँद-तारे झिलमिलाते जाएँगे तब तलक जश्न-ए-विलादत हम मनाते जाएँगे नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है सारे 'आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह ! अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या हबीबल्लाह ! ना'त-ए-महबूब-ए-ख़ुदा सुनते सुनाते जाएँगे या रसूलल्लाह का ना'रा लगाते जाएँगे नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है सारे 'आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह ! अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या हबीबल्लाह ! जश्न-ए-मीलाद-ए-मुबारक कैसे छोड़ें हम भला जिन का खाते हैं उन्हीं के गीत गाते जाएँगे नूर वाला आया है, नूर ले कर आया है सारे 'आलम में ये देखो कैसा नूर छाया है अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या रसूलल्लाह ! अस्सलातु व-स्सलामु 'अलैका या हबीबल्लाह ! चार जानिब हम दिये घी के जलाते जाएँगे घर तो घर सारे मुहल्ले को सजाते ज...

चलो करें मिल कर चर्चा हुज़ूर का / Chalo Karein Mil Kar Charcha Huzoor Ka

'आशिक़ों का राज है, महफ़िलों का ताज है जल्से हैं, जुलूस हैं, झूमता समाज है 'इश्क़ का मिज़ाज है, 'इश्क़ का मिजाज़ है चलो करें मिल कर चर्चा हुज़ूर का जगह-जगह घर-घर चर्चा हुज़ूर का चलो करें मिल कर चर्चा हुज़ूर का आए शाह-ए-अंबिया ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! क्या समाँ है नूर का ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! उतरा है चाँद घर में मौला के नूर का होने लगा है घर-घर चर्चा हुज़ूर का जगह-जगह घर-घर चर्चा हुज़ूर का चलो करें मिल कर चर्चा हुज़ूर का फैली है नूरी किरने देखो जगह जगह आया है ये महीना कैफ़-ओ-सुरूर का जगह-जगह घर-घर चर्चा हुज़ूर का चलो करें मिल कर चर्चा हुज़ूर का मीलाद-ए-मुस्तफ़ा की महफ़िल सजाएँगे हम ये फ़ैसला है, यारो ! अहल-ए-श'ऊर का जिब्रील की है सुन्नत पढ़ लो हदीस में लहराएगा जहाँ में परचम हुज़ूर का जगह-जगह घर-घर चर्चा हुज़ूर का चलो करें मिल कर चर्चा हुज़ूर का आए शाह-ए-अंबिया ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! क्या समाँ है नूर का ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! बजता है नाम उन का दिल की धड़क धड़क में साँसों में गूँजता है तराना हुज़ूर का जगह-जगह घर-घर चर्चा हुज़ूर का चलो करें मिल कर चर्चा हुज़ूर का खोया है उन के नाम...

गली गली सज गई शहर शहर सज गया | जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे / Gali Gali Saj Gai Shahar Shahar Saj Gaya | Jo Amina Ke Laal Ka Milad Karenge (Part 1 | Part 2)

गली गली सज गई, शहर शहर सज गया आए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा से प्यार है, दिल से ये इक़रार है हर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! दुनिया में जहाँ भी रहें, आबाद रहेंगे जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ! झंडे लगाओ ! घर को सजाओ ! कर के चराग़ाँ ख़ुशियाँ मनाओ ! सरकार आए ! मरहबा ! दिलदार आए ! मरहबा ! ग़म-ख़्वार आए ! मेरे लज-पाल आए ! मरहबा ! क्या नूर है, ख़ुश्बू है, उजालों का समाँ है सरकार के परचम से सजा सारा जहाँ है चेहरे भी सजे, दिल भी सजे, घर भी सजे हैं जो सज न सका ये तो बता घर वो कहाँ है गली गली सज गई, शहर शहर सज गया आए नबी, प्यारे नबी, मेरा भी घर सज गया मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा से प्यार है, दिल से ये इक़रार है हर कोई मीलाद-ए-नबी करने को तय्यार है मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा या मुस्तफ़ा ! दुनिया में जहाँ भी रहें, आबाद रहेंगे जो आमिना के लाल का मीलाद करेंगे मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ! मीलाद करेंगे ...