जिधर देखिए रहमतों का है साया | हुज़ूर आ रहे हैं / Jidhar Dekhiye Rahmaton Ka Hai Saya | Huzoor Aa Rahe Hain
Huzoor Aa Rahe Hain Lyrics in Hindi & English मरहबा मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा, मरहबा या मुस्तफ़ा ! उठा के परचम आक़ा का ना'रा लगाओ आक़ा का मरहबा मरहबा, या रसूलल्लाह ! हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं जिधर देखिए रहमतों का है साया हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं है ख़ुशियों में डूबा हुआ कुल ज़माना हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं सरकार की आमद ! मरहबा ! दिलदार की आमद ! मरहबा ! मक्की की आमद ! मरहबा ! मदनी की आमद ! मरहबा ! यासीन की आमद ! मरहबा ! ताहा की आमद ! मरहबा ! हलीमा ! तुम्हारी ग़रीबी मिटाने तुम्हारा मकाँ रश्क-ए-जन्नत बनाने वो देखो मुक़द्दर जगाने तुम्हारा हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं ज़मीं सज गई है, फ़लक सज गया है हर इक लब पे सल्ले-'अला की सदा है लगाते हैं का'बे पे जिब्रील झंडा हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं हुज़ूर आ रहे हैं, हुज़ूर आ रहे हैं उठा के परचम आक़ा का ना'रा लगाओ आक़ा का मरहबा मरहबा, या र...