ख़ुदाया दौर-ए-रहमत देखता मैं | नबी का हुस्न-ए-तलअत देखता मैं / Khudaya Daur-e-Rehmat Dekhta Main | Nabi Ka Husn-e-Talat Dekhta Main
ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं उन्हीं के दर पे होती सुब्ह मेरी वहीं पर शाम-ए-फ़ुर्क़त देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं मदीने की गली में सर झुकाए रसूल-ए-हक़ की 'अज़मत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं सहाबी काश मैं होता नबी का करम की हर 'इनायत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं जबीन-ए-शौक़ सज्दे में झुका कर 'इबादत की हक़ीक़त देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं बिछाता अपनी पल्कें उन की रह में 'अजब रंग-ए-'अक़ीदत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं कभी जो मस्जिद-ए-नबवी में होता जमाल-ए-बज़्म-ए-जन्नत देखता मैं नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं ख़ुद...