काबा है तेरा बड़ा मोहतरम / Kaba Hai Tera Bada Mohtaram
मेरे ख़ुदा ऐ रहनुमा ! तेरे लिए ही है हम्द-ओ-सना ऐ बादशाह ! का'बा तेरा, है तेरे बंदों की जा-ए-पनाह का'बा है तेरा बड़ा मोहतरम दिखता यहाँ है निशान-ए-करम है तेरे बंदों पे तेरी 'अता जो आज करते यहाँ सर हैं ख़म लब्बैक की है लबों पे सदा ला इलाहा इलल्लाह तकबीर से है मु'अत्तर फ़िज़ा ला इलाहा इलल्लाह का'बा तेरा जिस जा आबाद है इस्लाम की जा-ए-बुनियाद है सारे जहाँ का है मर्कज़ यही दुनिया यहाँ से ही आबाद है तेरे ख़लील की ये याद है अब बुत-परस्तों से आज़ाद है का'बा है तेरा बड़ा मोहतरम दिखता यहाँ है निशान-ए-करम लब्बैक की है लबों पे सदा ला इलाहा इलल्लाह तकबीर से है मु'अत्तर फ़िज़ा ला इलाहा इलल्लाह एहराम में सब हैं इक रंग में आते नज़र सब हैं इक ढंग में कोई खड़ा है कोई दौड़ता सब हैं यहाँ अपने आहंग में अदना है कोई न आ'ला कोई दर पर तेरे हैं बराबर सभी का'बा है तेरा बड़ा मोहतरम दिखता यहाँ है निशान-ए-करम लब्बैक की है लबों पे सदा ला इलाहा इलल्लाह तकबीर से है मु'अत्तर फ़िज़ा ला इलाहा इलल्लाह गोरे भी आए हैं काले भी हैं दुख दर्द अपने सुनाने को हैं 'अरब...