दुरूद-ए-अहल-ए-बैत | प्यारे नबी की ज़ात पर रब का दुरूद है / Durood-e-Ahl-e-Bait | Pyare Nabi Ki Zaat Par Rab Ka Durood Hai
ली ख़म्सतुन उत़्फ़ी बिहा ह़र्रल-वबाइल-ह़ातिमा अल-मुस्तफ़ा वल-मुर्तद़ा वबना हुमा वल-फ़ातिमा अल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना व मौलाना मुह़म्मद व 'अला सय्यिदिना 'अलिय्यि-व्व-सय्यिदतिना फ़ातिमा व सय्यिदतिना ज़ैनब व सय्यिदिना हसन व सय्यिदिना हुसैन व 'अला आलिही व सह़बिही व बारिक व सल्लिम अल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना व मौलाना मुह़म्मद प्यारे नबी की ज़ात पर रब का दुरूद है सुल्तान-ए-दो-जहान पर सब का दुरूद है अल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना व मौलाना मुह़म्मद या उम्म-ए-अबीहा ! या उम्म-ए-फ़बीहा ! या अशरफ़ुन्निसा ! या फ़ातिमा ज़हरा ! या सय्यिदा ! या ज़हरा ! ज़हरा पे भेजते जो दुरूद-ओ-सलाम हैं वो सच्चे ग़ुलाम-ए-मुस्तफ़ा हैं, नेक-नाम हैं अल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना व मौलाना मुह़म्मद शाह-ए-मर्दां, शेर-ए-यज़्दाँ, क़ुव्वत-ए-परवरदिगार ला-फ़ता इल्ला 'अली, ला-सैफ़ इल्ला ज़ुल्फ़िक़ार अल्लाह के शेर हैदर-ए-कर्रार पर दुरूद हज़रत हसन-हुसैन के किरदार पर दुरूद अल्लाहुम्म स़ल्लि-'अला सय्यिदिना व मौलाना मुह़म्मद ख़ुत्बों ने ज़ैनब के महल-ए-यज़ीद में वो काम किया कोई मरा भी न...