अल्लाह बादशाह मौला बादशाह / Allah Badshah Maula Badshah
या अल्लाहु ! या रहमानु ! या ग़फ़ूरुर्रहीम ! सहर होती है तारों से वो ताक़त छीन लेता है ब-वक़्त-ए-शाम सूरज से क़यादत छीन लेता है उसे हर हाल में तुम याद रक्खो ये ही लाज़िम है तकब्बुर करने वालों से वो 'इज़्ज़त छीन लेता है अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! रहमत दा दरिया, इलाही ! हर दम वगदा तेरा जे इक क़तरा बख़्शे मैनूँ, कम बण जावे मेरा अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! ख़स ख़स जिन्नाँ क़द्र न मेरे साहिब नूँ वडियाइयाँ मैं गलियाँ दा रूड़ा कूड़ा, महल चढ़ाइयाँ साइयाँ अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! जिस दिल अंदर 'इश्क़ न रच्या, कुत्ते उस तों चँगे मालिक दे घर राखी कर दे साबिर बुक्खे नँगे मालिक दा दर नईं छड दे पावें मारो सो सो जुत्ते उठ, बुलया ! चल यार मना ले, नईं ते बाज़ी ले गए कुत्ते अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! जे मैं वेखाँ 'अमलाँ वल्ले, कुझ नईं मेरे पल्ले जे मैं वेखाँ रहमत तेरी, बल्ले बल्ले बल्ले अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! अल्लाह बादशाह ! मौला बादशाह ! 'अद्ल...