धड़कने दिल की रुक जाएँगी टूट कर ये बिखर जाएगा / Dhadkane Dil Ki Ruk Jayengi Toot Kar Ye Bikhar Jayega
धड़कने दिल की रुक जाएँगी, टूट कर ये बिखर जाएगा अपना जल्वा दिखा दीजिए, वर्ना दीवाना मर जाएगा ले के माँ की दु'आ, दोस्तो ! रख दिया है क़दम राह पर लाख तूफ़ान आए तो क्या, अपना दा'वा है टल जाएगा हुक्म होगा गुनहगार को, चलने दोज़ख़ में तय्यार हो फिर इशारा करेंगे नबी, तो सारा नक़्शा बदल जाएगा शान-ए-आक़ा में गुस्ताख़ियाँ कर रहे हो तो ये भी सुनो वो जो कह दें ये मेरा नहीं, नज्दिया ! फिर किधर जाएगा मैं हूँ दीवाना-ए-मुस्तफ़ा, मुझ को तू यूँ न आँखें दिखा वर्ना कुत्ता मेरे ग़ौस का तुझ को ज़िंदा निगल जाएगा ना'त-ख़्वाँ: उस्मान रज़ा मंज़री dha.Dkane dil ki ruk jaaengi, TooT kar ye bikhar jaaega apna jalwa dikha dijiye, warna deewana mar jaaega le ke maa.n ki du'aa, dosto ! rakh diya hai qadam raah par laakh toofaan aae to kya, apna daa'wa hai Tal jaaega hukm hoga gunahgaar ko, chalne dozaKH me.n tayyaar ho phir ishaara karenge nabi, to saara naqsha badal jaaega shaan-e-aaqa me.n gustaaKHiyaa.n kar rahe ho to ye bhi suno wo jo keh de.n ye mera nahi.n, najdiya ! phir...