मुबारक हो तुम सब को हज का महीना | मदीने वाले से मेरा सलाम कहना / Mubarak Ho Tum Sab Ko Hajj Ka Mahina | Madine Wale Se Mera Salam Kehna
मुबारक हो तुम को ये सफ़र-ए-मदीना न थी मेरी क़िस्मत कि देखूँ मदीना मदीने वाले से मेरा सलाम कहना मदीने वाले से मेरा सलाम कहना अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा साहिल से आते आते मौजों को चूम लेना मौजों के बा'द दिलकश ज़र्रों को चूम लेना उस पाक सर-ज़मीं की राहों को चूम लेना फूलों को चूम लेना, काँटों को चूम लेना सुल्तान-ए-अंबिया से मेरा सलाम कहना मदीने वाले से मेरा सलाम कहना मदीने वाले से मेरा सलाम कहना अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा मदीने क़ाफ़िले जाते हैं मैं भी आऊँगा हुज़ूर कितने ही आते हैं मैं भी आऊँगा चले सब यार फ़ी-अमानिल्लाह सू-ए-सरकार फ़ी-अमानिल्लाह अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा अल्लाहुम्मा लब्बैक अल्लाहुम्मा ग़ुलाम आप के कितने ग़रीब हो कर भी ग़ुलाम आते हैं जाते हैं, मैं भी आऊँगा लया मदीने दा सब ने रस्ता मैं एथे ई रह गया तरसदा तूँ जा के आक़ा नूँ दस्त-बस्ता कवीं दरूद-ओ-सलाम मेरा, सलाम मेरा सबा दर-ए-मुस्तफ़ा ते जा के कवीं दरूद-ओ-सलाम मेरा, सलाम मेरा मदावा रंज-ओ-मुसीबत का है मदीने में मुझे भी लोग सताते ह...